मवेशियों के बीच नौनिहाल
एक तरफ तो लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत करते हैं, बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का सपना देखते हैं, देश के लोगों से बच्चों की शिक्षा की भीख माँगते हैं और दूसरी तरफ उनके इन तमाम इरादों और स्वर्णिम भारत के सपने का माखौल भाजपा शासित राज्यों में ही उड़ाया जा रहा है. मध्य प्रदेश में शिक्षा के इतने बदतर हालात हैं कि मवेशियों के बीच मासूम बच्चों को भोजन करना पड़ रहा है. मध्य प्रदेश के रीवा जिले से आई इन तस्वीरों को देखकर तो कम से कम हम यही कहेंगे. देश के नौनिहालों के जर्जर भविष्य को दर्शाती ये वो स्याह तस्वीरें हैं जो आमतौर पर अनेक राज्यों में देखी जा सकती हैं. इन तस्वीरों को देखकर आसानी से यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन चिरागों के हालात क्या हैं जिनसे जहाँ को रौशन करने के हम सपने देखते हैं. अगर इन तस्वीरों की व्यापकता पर प्रकाश डाला जाए तो ऐसी तस्वीरें सिर्फ मध्यप्रदेश में ही नहीं अपितु देश के अनेक राज्यों में दिख जाएँगी. रीवा जिले के ही ककरहा ग्राम पंचायत की शासकीय...